
शिमला
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
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हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पुलिस मैदान भराड़ी, शिमला में ‘पुलिस स्मृति दिवस’ श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर नागरिकों के जीवन, आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि समारोह में औपचारिक परेड का आयोजन हुआ तथा शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भेजा संदेश
राज्यपाल का संदेश: राज्यपाल ने अपने संदेश में पुलिस कर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण जोखिम में डालते हैं। उन्होंने शहीदों के परिवारों के धैर्य, साहस और त्याग को नमन किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का संदेश: मुख्यमंत्री ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए समर्पित एक संवेदनशील, पेशेवर और जनहितैषी पुलिस बल के महत्व पर जोर दिया।
‘शहीदों के परिवार हमारी जिम्मेदारी’: डीजीपी अशोक तिवारी
श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने कहा कि शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा है और उनके परिवार हमारी जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा:
“इन वीरों ने केवल वर्दी नहीं पहनी, बल्कि उसके सर्वोच्च आदर्शों को अपने जीवन में उतारा। जब कर्तव्य ने पुकारा तो उन्होंने दूसरों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। शहीदों के परिवारों का कल्याण, सम्मान और सुख-सुविधाएं पुलिस बल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।”
क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देशभर में मनाया जाता है। वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवानों की स्मृति में इस दिवस की शुरुआत हुई थी। इस दिन राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस अवसर पर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न यूनिटों के पुलिस जवान उपस्थित रहे।





