
5 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

कुल्लू: जिला कुल्लू में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत जिले में रह रहे प्रवासी मजदूरों, कामगारों, किरायेदारों और अन्य बाहरी व्यक्तियों का संबंधित पुलिस थाना या पुलिस चौकी में पंजीकरण एवं सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुल्लू की ओर से अवगत करवाया गया है कि अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर, कामगार, किरायेदार और अन्य बाहरी व्यक्ति जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे हैं अथवा कार्य कर रहे हैं। इनमें से कई व्यक्तियों का अभी तक पुलिस थाना या चौकी में पंजीकरण एवं सत्यापन नहीं हुआ है। कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों के अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में उनकी पहचान और पूर्ववृत्त का समय पर सत्यापन आवश्यक है।
नियोक्ताओं और ठेकेदारों की होगी जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार सभी नियोक्ताओं, ठेकेदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को अपने यहां कार्यरत बाहरी एवं प्रवासी मजदूरों का काम शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पुलिस के पास पंजीकरण करवाना होगा। यह व्यवस्था घरेलू सहायकों पर भी लागू होगी।
प्रत्येक श्रमिक का पहचान प्रमाण, स्थायी पता, संपर्क विवरण, कार्य की प्रकृति और जिले में रहने का स्थान संबंधित पुलिस थाना या चौकी को उपलब्ध करवाना होगा। श्रमिकों के विवरण को समय-समय पर अपडेट करना भी अनिवार्य होगा तथा आवश्यक जानकारी स्थानीय पुलिस को देनी होगी।
किरायेदारों का सत्यापन मकान मालिक की जिम्मेदारी
जिले में किराये पर रह रहे सभी किरायेदारों का पंजीकरण एवं उनकी सूचना निकटतम पुलिस थाना या चौकी में करवाना मकान मालिकों और भवन स्वामियों की जिम्मेदारी होगी।
होटल, होम-स्टे और गेस्ट हाउस में भी अनिवार्य रिकॉर्ड
जिले के सभी होटल, होम-स्टे और गेस्ट हाउस संचालकों को अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक आगंतुक के पहचान दस्तावेजों की जांच एवं रिकॉर्डिंग करनी होगी। इनमें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि शामिल हैं। प्रत्येक आगंतुक का मोबाइल नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है।
फेरीवालों और ठेका श्रमिकों का भी होगा पंजीकरण
आदेश के दायरे में फेरीवाले, विक्रेता, विशेषकर शॉल विक्रेता, रेहड़ी-फड़ी संचालक, मोची तथा बागवानी, निर्माण, व्यवसाय और कृषि क्षेत्र में कार्यरत ठेका श्रमिक भी शामिल हैं। इन सभी का पंजीकरण अथवा आवश्यक सूचना निकटतम पुलिस थाना या चौकी में देना अनिवार्य होगा।
आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने में पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। जिला दंडाधिकारी ने संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों, पंचायत प्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
दो महीने तक प्रभावी रहेगा आदेश
जारी आदेश 3 सितंबर 2026 से प्रभावी होकर दो माह की अवधि तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला दंडाधिकारी के अनुसार व्यक्तिगत रूप से नोटिस देना संभव न होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।





