
शिमला
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
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स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा है कि प्रदेश सरकार दृष्टिबाधित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा, उनके सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षित पदों को भरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में शिक्षा, कौशल विकास व रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक
डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में शिमला में ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दृष्टिबाधित व्यक्तियों के अधिकारों, शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा दोनों संगठनों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं एवं मांगों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
संवेदनशील वर्गों के कल्याण के प्रति सरकार प्रतिबद्ध
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के संवेदनशील वर्गों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
दृष्टिबाधित व्यक्तियों को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।
सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है कि जरूरतमंद वर्गों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें और उन्हें अपने अधिकारों का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मांगों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन
बैठक के दौरान दोनों संगठनों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। मंत्री ने संगठनों की जायज मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया और कहा कि दृष्टिबाधित व्यक्तियों से जुड़े मामलों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.के. पंत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सी.पी. वर्मा, शहरी विकास सचिव अमरजीत सिंह, निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।





