विजिलेंस पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा का सरकार पर निशाना, बोले—दबाव की राजनीति से नहीं दबेगी विपक्ष की आवाज

18 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
धर्मशाला

आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस जांच का सामना कर रहे धर्मशाला से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा से मंगलवार को पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा ने कहा कि विजिलेंस अधिकारियों की ओर से पूछे गए अधिकांश सवालों के जवाब दे दिए गए हैं और जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, उन्हें भी जांच एजेंसी को उपलब्ध करवाया जाएगा।

पूछताछ के दौरान हमीरपुर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा और सुधीर शर्मा के अधिवक्ता अंकुर सोनी भी उनके साथ मौजूद रहे।

पैतृक संपत्ति और रजिस्ट्रियों को लेकर दी सफाई

सुधीर शर्मा ने कहा कि विजिलेंस के पास उनकी पैतृक संपत्ति से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने दो रजिस्ट्रियों का उल्लेख किया, जबकि उनके अनुसार पैतृक भूमि से संबंधित 14 रजिस्ट्रियां हैं।

शेयरों से जुड़े लेन-देन पर उन्होंने कहा कि शेयर बैंकिंग माध्यम से खरीदे और बेचे गए। उनके अनुसार, शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि बैंक खाते में आई और उस पर नियमानुसार आयकर भी जमा किया गया है।

‘दबाव की राजनीति से विपक्ष की आवाज नहीं दबेगी’

सुधीर शर्मा ने एफआईआर और विजिलेंस जांच को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एफआईआर और जांच के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के दबाव से वह पीछे नहीं हटेंगे और जनता से जुड़े मुद्दों को आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।

सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार की कथित नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मामलों को तूल दिया जा रहा है।

समर्थकों की मौजूदगी को बताया जनता की भावना

विजिलेंस पूछताछ के दौरान समर्थकों की भारी मौजूदगी पर सुधीर शर्मा ने कहा कि यह जनता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि वह भाजपा के भीतर अलग गुट बनाकर चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी।

विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान पुलिस सुरक्षा और उनके घर के बाहर नाकाबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि वह इसे सुरक्षा घेरा मानते हैं, लेकिन हिमाचल की राजनीति में इस तरह की परंपरा पहले देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई के दूरगामी परिणाम होंगे।

चुनावी हलफनामों में संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक होने का दावा

सुधीर शर्मा ने कहा कि वह वर्ष 2003 से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके सभी चुनावी हलफनामे ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उनकी संपत्ति और आय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की गई है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, वे उपलब्ध करवाए जाएंगे और उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में भी प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एफआईआर और जांच के बावजूद जनता से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज बुलंद होती रहेगी।

अधिवक्ता अंकुर सोनी बोले—जांच में पूरा सहयोग

सुधीर शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एवं धर्मशाला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर सोनी ने बताया कि विजिलेंस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कई सवाल किए, जिनके जवाब दे दिए गए हैं। जांच अधिकारियों के समक्ष एक लिखित सबमिशन भी दाखिल किया गया है।

अंकुर सोनी ने कहा कि मामला मुख्य रूप से संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों से संबंधित है। बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न और चुनावी हलफनामों के माध्यम से आय एवं संपत्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि कुछ संपत्तियां पुरानी होने के कारण सभी संबंधित दस्तावेज जुटाने में समय लग रहा है। इसके लिए जांच अधिकारियों से समय लिया गया है।

अधिवक्ता के अनुसार, फिलहाल अगली पूछताछ की कोई तारीख तय नहीं हुई है। जमा करवाए गए दस्तावेजों की जांच के बाद विजिलेंस की ओर से आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध करवाए जाएंगे।

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