
29 सितंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने शोक व्यक्त किया है। 87 वर्षीय मनकोटिया का मंगलवार को कांगड़ा में निधन हुआ। वह शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक और प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रहे।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार सहित कई भाजपा नेताओं ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मेजर मनकोटिया का जीवन सैन्य सेवा और जनसेवा से जुड़ा रहा। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने शाहपुर का प्रतिनिधित्व किया और प्रदेश सरकार में पर्यटन, नागरिक उड्डयन तथा कानून जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि मेजर मनकोटिया का निधन हिमाचल प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने सैन्य सेवा और जनप्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के लिए दिए गए उनके योगदान को स्मरण करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
डॉ. राजीव बिंदल ने मेजर मनकोटिया को स्पष्टवादी और निर्भीक नेता बताते हुए कहा कि उनका लंबा सार्वजनिक जीवन हिमाचल की राजनीति के महत्वपूर्ण दौर का साक्षी रहा। उन्होंने कहा कि सैनिक से लेकर जनप्रतिनिधि और मंत्री तक उनका सफर सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मेजर मनकोटिया ने सैनिक और राजनेता दोनों भूमिकाओं में देश एवं प्रदेश की सेवा की। शाहपुर और कांगड़ा के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा और उनका राजनीतिक अनुभव हमेशा स्मरण किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक हिमाचल से जुड़े जनहित के विषयों को उठाया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मनकोटिया ने हिमाचल के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके योगदान को याद किया जाएगा।
मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके समर्थकों ने भी शोक व्यक्त किया है। उनके निधन से शाहपुर और कांगड़ा सहित प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की स्थिति है।





