
18 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
शिमला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर प्रदेश हित के मुद्दों पर पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के लोगों को प्रदेश हित में कभी परवाणू से नीचे भी जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी प्रियंका गांधी वाड्रा के मंडी के देउरी स्कूल के प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण प्रियंका गांधी मंडी नहीं पहुंच सकीं।
अक्टूबर में देउरी स्कूल जा सकती हैं प्रियंका गांधी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि प्रियंका गांधी वाड्रा का आज देउरी स्कूल में बच्चों के साथ संवाद और स्कूल भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका मंडी पहुंचना संभव नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में आपदा के दौरान प्रियंका गांधी ने स्कूल के पुराने क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया था और उस समय उन्होंने नए स्कूल भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
सुक्खू ने बताया कि प्रियंका गांधी के राजनीतिक सलाहकार ने आज बच्चों के सामने उनका संदेश पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में प्रियंका गांधी के दोबारा देउरी स्कूल आने का कार्यक्रम बनाया जाएगा।
जल्द होगा हिमाचल में कैबिनेट विस्तार
कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पार्टी हाईकमान के साथ पहले दौर की चर्चा पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दूसरे दौर की चर्चा के बाद पार्टी आलाकमान की मंजूरी मिलते ही कैबिनेट विस्तार किया जाएगा।
IAS, IPS और IFS कैडर में कटौती पर बोले CM
हिमाचल प्रदेश में अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के कैडर में कटौती के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को अधिकारियों की आवश्यकता है, लेकिन यह संख्या एक सीमा के भीतर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा अधिकारी प्रदेश पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने IAS, IPS और IFS कैडर में कटौती का निर्णय लिया है।
विधानसभा सत्र को लेकर भी भाजपा पर निशाना
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में कभी विधानसभा का 10 दिन का सत्र नहीं बुलाया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे तो सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है, लेकिन विधानसभा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बहस होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सत्ता पक्ष भी विपक्ष से सवाल पूछेगा।
नियुक्तियों और पेपर लीक पर सरकार का दावा
भाजपा अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को लगातार नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने जेबीटी, लेक्चरर, असिस्टेंट और स्टाफ नर्स समेत विभिन्न पदों पर हुई नियुक्तियों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया जाएगा और सरकार व्यवस्था में बदलाव के लिए काम कर रही है।
1,500 करोड़ की सहायता को लेकर भाजपा पर हमला
प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश हित में केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय परवाणू से नीचे भी जाकर प्रदेश के हित की बात करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा मुख्यालय दीपकमल में सोशल मीडिया के लिए करीब 50 लोगों की टीम बनाई गई है, जो उनके खिलाफ लगातार दुष्प्रचार करती है।
उन्होंने अपने पुराने संपत्ति संबंधी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले उन्होंने हिमाचल में 14 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था, जिसकी कीमत बढ़कर करीब 2 करोड़ रुपये हो गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से इसे भी राजनीतिक दुष्प्रचार का मुद्दा बनाया गया।





