वन संरक्षण अधिनियम के मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें: अपूर्व देवगन

6 अक्तूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | मंडी

जिले में विकास परियोजनाओं को गति देने और वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित एफसीए प्रस्तावों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में वन संरक्षण अधिनियम के तहत अब तक 38 मामलों को स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि जनहित और विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को कम करने के लिए एफसीए प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है।

उन्होंने संबंधित विभागों को वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से संबंधित प्रस्ताव पूर्ण दस्तावेजों के साथ समय पर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

ड्रैजिंग मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश

उपायुक्त ने जिले के सभी डीएफओ को ड्रैजिंग से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं, ताकि संबंधित विकास एवं पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाई जा सके।

अपूर्व देवगन ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन भूमि से जुड़े सभी मामलों का निपटारा निर्धारित नियमों और समय-सीमा के अनुसार किया जाना चाहिए।

बैठक का संचालन एसीएफ (मुख्यालय) नवजोत ने किया। उन्होंने जिले में लंबित एफसीए प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े मामलों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, डीएफओ मंडी संजीव शर्मा सहित लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एसीएफ सुकेत, डीएफओ नाचन, जोगिंद्रनगर और करसोग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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