शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त, मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

6 अक्तूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करते हुए दो अलग-अलग NDPS मामलों में सप्लाई चेन की कड़ियों तक पहुंचकर दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों मामलों में Backward Linkages विकसित कर दो अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई अब केवल नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच में मोबाइल डेटा, WhatsApp चैट, CDR, IPDR और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर नशे के स्रोत और मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बनाई जा रही है।

बालूगंज मामले में चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस थाना बालूगंज में 27 सितंबर 2026 को अभियोग संख्या 201/26 के तहत धारा 21 और 29 NDPS Act में मामला दर्ज किया गया था। शोघी क्षेत्र में चैकिंग के दौरान कुल्लू जिले के निथर निवासी 26 वर्षीय क्षितिज वर्मा के कब्जे से करीब 6 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई थी।

जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी रोहित उर्फ राहुल के साथ WhatsApp चैट मिली। CDR और IPDR के विश्लेषण से भी दोनों के बीच संपर्क और मुलाकात से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

इन साक्ष्यों के आधार पर बालूगंज पुलिस की विशेष टीम चंडीगढ़ पहुंची और 4 अक्तूबर 2026 को रोहित उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में नशे के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

चड़गांव मामले में भी सप्लाई नेटवर्क तक पहुंची पुलिस

पुलिस थाना चड़गांव में 27 सितंबर 2026 को अभियोग संख्या 97/26 के तहत धारा 21 और 29 NDPS Act में मामला दर्ज किया गया था। गश्त के दौरान बडियारा क्षेत्र में 30 वर्षीय अमित, निवासी चिड़गांव, को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से करीब 7 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई।

जांच में मोबाइल डेटा और CDR के आधार पर मिले सुरागों का विश्लेषण किया गया। इससे पुलिस को पता चला कि बरामद नशा बलौंगी, मोहाली में वीरेंद्र नामक व्यक्ति से प्राप्त किया गया था। आगे की जांच में संदीप, निवासी चिड़गांव, की संलिप्तता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।

Backward Linkage के आधार पर पुलिस टीम ने संदीप को बलौंगी, मोहाली से तलाश कर 30 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। मामले में सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच जारी है।

2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर 61 नशा सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं। वर्ष 2024 में 8 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क, जबकि वर्ष 2025 में 14 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 3 नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था।

पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ रणनीति अब सप्लाई चेन के अंतिम छोर तक सीमित न रहकर उसके पीछे सक्रिय मुख्य सप्लायरों और पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने पर केंद्रित है। तकनीकी साक्ष्यों और Backward Linkages के माध्यम से नशे के स्रोत तक पहुंचकर नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई लगातार जारी है।

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